Oneliner Current Affairs in Hindi— 15 September 2025

  • India-Iran-Uzbekistan त्रिपक्षीय बैठक पहली बार तेहरान में हुई; आतंकवाद (terrorism) और अतिवाद (extremism) से लड़ने, चाबहार बंदरगाह (Chabahar Port) के माध्यम से व्यापार बढ़ाने पर चर्चा हुई।
  • Chandigarh का Capitol Complex UNESCO World Heritage Site है; अब इसके आस-पास 10-12 कि॰मी॰ क्षेत्र के लिए संरक्षित buffer zone प्रबंधन योजना IIT Roorkee से तैयार करवाई जाएगी, जिसमें विकास नियंत्रण (development regulation) और पर्यावरणीय संरक्षण शामिल है।
  • Combined Commanders’ Conference 2025 कोलकाता के विजय दुर्ग में 15-17 सितम्बर को “Year of Reforms – Transforming for the Future” विषय के साथ आयोजित होगा; इसमें तीनों सेनाएँ मिलकर रक्षा सुधार (military reforms) और परिचालन तत्परता (operational preparedness) पर फ़ोकस करेंगी।
  • India-Thailand संयुक्त सैन्य अभ्यास मेघालय में सम्पन्न हुआ; जंगल युद्ध (jungle warfare) और counter-insurgency अभियानों में दोनों देशों की सेनाएँ प्रशिक्षण कर रही हैं, आपसी विश्वास तथा सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए।
  • Digital Swaraj Mission प्रस्तावित है जिसमें भारत की तकनीकी स्वायत्तता (technological self-reliance) के लिए indigenous operating systems, cloud infrastructure और cybersecurity क्षमताएँ विकसित की जाएँगी, लक्ष्य वर्ष 2030 है।
  • उत्तर प्रदेश सरकार ने “AI, Green Energy & Agritech” को केंद्र में रखते हुए USD 6 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था (Economy) बनने का रोडमैप पेश किया है; प्रस्तावित निवेश प्रस्ताव लगभग ₹45 लाख करोड़ के हैं, जिनमें से ₹15 लाख करोड़ पर अभी काम शुरू हो चुका है।
  • Russia ने भारत की विदेश नीति में रणनीतिक स्वायत्तता (strategic autonomy) की सराहना की है; कहा गया है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों के अनुरूप बहुपक्षीय (multilateral) सहयोग जारी रखेगा।
  • Haryana राज्य ने नवीन एयरोस्पेस और रक्षा नीति (Aerospace and Defence Policy) लॉन्च की है, Hisar Integrated Manufacturing Cluster समेत लगभग ₹4,679.56 करोड़ निवेश की योजना है, इससे लगभग 25,000 नौकरी सृजित होंगी।
  • HAL ने बताया कि Su-30 जेट विमान में लगभग 100 संशोधन (modifications) किए जा चुके हैं; उनमें ब्रह्मोस मिसाइल (Brahmos missile) एकीकृत करना (integration) और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (transfer of technology) प्रमुख रहा है।
  • Project-75I के तहत छह श्रेणी-के डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियाँ (submarines) शामिल होंगी; ये आंशिक रूप से विदेश-साझेदारी (foreign partnership) और तकनीकी नियमों के अनुसार होंगी, परियोजना की डिलीवरी की शुरुआत मध्य 2030s में होने की संभावना है।
  • iDEX-DIO और EdCIL India के बीच ASPIRE कार्यक्रम के तहत MoU हुआ है; उद्देश्य dual-use प्रौद्योगिकियों (military और civilian दोनों में उपयोग होने वाली technologies) का विकास करना है।
  • Tamil Nadu ने जर्मनी एवं UK निवेश दौर (investment roadshow) पूरा किया, लगभग ₹15,516 करोड़ के 33 MoUs हुए; टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, फुटवियर, IT सेवाएँ जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
  • Engineering’s Day 2025 आज मनाया जा रहा है; एम. विस्वेश्वरैया (M. Visvesvaraya) की इंजीनियरिंग और नवाचार (innovation) में योगदान को सम्मानित करते हुए युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत का काम करेगा।
  • CSIR Startup Conclave, लखनऊ में आयोजित हुई; CSIR-incubated स्टार्टअप्स को शुरुआत दी गई, जिसमें नेनो-कम्पोज़िट वाटर प्यूरीफायर (PFAS removal), gut microbiota पर synthetic food colourants का अध्ययन और aptamer-based biosensor जैसे तकनीकी नवाचार शामिल हैं।
  • CSIR-NBRI, CSIR-CDRI, CSIR-IITR, CSIR-CIMAP जैसे labs ने tech transfer की पेशकश startups को की है; इस पहल से कृषक (farmers) और युवा उद्यमियों को बाजार-उपयोगी अनुसंधान (research) उत्पादों का लाभ मिलेगा और कृषि व horti-cultures क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ेगा।
  • India Deep Tech Investment Alliance (IDTA) ने लगभग $1 बिलियन की योजना बनाई है जिसमें विशेष प्राथमिकता semiconductors और AI infrastructure को दी जाएगी; इस कदम से भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता (self-reliance) क्षेत्र को बल मिलेगा।
  • IISER Berhampur ने तीन-दिन का विज्ञान प्रदर्शनी और संगोष्ठी (Science Symposium & Festival) आयोजित किया जिसमें poster presentations, lectures और hands-on workshops शामिल थे; युवा शोधार्थियों (young researchers) व स्कूल-छात्रों के बीच विज्ञान जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य था।
  • Uttar Pradesh Forest Department ने “Seva Parv” के अंतर्गत 17 सितम्बर-2 अक्टूबर 2025 तक “Swachh Utsav” अभियान शुरू किया है; अभियान में एकल-उपयोग प्लास्टिक पर रोक, बर्ड सैंचुरी में घास हटाना, जल संरक्षण और पौधारोपण जैसे पर्यावरणीय उपाय शामिल होंगे।